Tuesday, March 20, 2012

ये दिल

मरने की चाह नहीं है,
जीने को दिल चाहता है,
कमबख्त ने देख लिया एक दिन मुस्करा कर,
अब तो हर रोज ये दिल उस पर मरना चाहता है...

काश

वर्षों बीत गए यूं नजरें मिलाते-मिलाते,
काश तुमने हमें मांगा होता,
कसम से हम भी पीछे नहीं हटते,
अगर पलटकर हाथ तुमने हमारा थामा होता...

बड़बोला

रो दें तो ढ़ोंगी कहलाते हैं,
हमारा हंसना किसी को भाता नहीं,
कुछ बोल दें तो कहलाते हैं बड़बोला,
गुमशुम रहना हमें आता नहीं...

कहानी

उन्होंने तो नहीं चाही
हमें कुछ बात बतानी,
लेकिन उनकी आंखें कह गई
उनके दिल की सारी कहानी...

चैन

दोस्त को आजकल फैन कहते हैं,
रोकने को बैन कहते हैं,
बीवी चाहे खुश रखे या न रखे,
फिर भी लोग...
गले पड़ी चीज को चैन कहते हैं...

कार

वर पक्ष वाले कार मांग रहे हैं,
शायद उनका लड़का बे-कार है...

याद

मरने से पहले कुछ ऐसा कर जाएंगे,
जिन्दगी के हर कदम पर
हम तुम्हें याद आएंगे...